2014

sab-yaad-ata-hai

वो मुड़कर हमें देखना, वो हंसी का एक झोंका, वो हमें छेड़ देना, फिर प्यार से मना लेना, सब याद आता है, होठों पे मुस्कान दे जाता है. वो तुम्हारी शैतानियां, वो प्यारी सी ठिठोलियाँ, वो हमें गले लगाना, फिर हंसकर भाग जाना, सब याद आता है, होठों पे मुस्कान दे जाता है. वो हाथ…

Read more सब याद आता है

सोच के लव्ज़

कहते हैं उन्हें हमसे गिला नहीं, कहते है वो बेवफा नहीं, वफ़ा गिला क्या चीज़ है हमें क्या पता, हम तो बस आंसूं पीतें हैं पर ये उन्हें पता नहीं. ख़ामोशी की ये आवाज़ सुनकर तो देखिये, अन्खाहे लव्जों को बोलकर तो देखिये, ये प्यार की आवाज़ है, दस्तक देकर तो देखिये. आखें जो खुली…

Read more सोच के कुछ लव्ज़

naari

आज फिर लिखती हूँ, आज फिर कलम को अपनी दास्ताँ सुनती हूँ, दुनिया कहती है मैं किसी काम की नहीं, मैं  तो उनके इशारों की पुतली हूँ वही, फिर भी इस दुनिया को जन्म देने वाली जननी हूँ मैं, अपना अंश देकर इस दुनिया में लाने वाली नारी हूँ मैं। आईने को यह बुत अंजना लगता…

Read more नारी

bikhre-pal

प्यार का इज़हार ज़रा मुश्किल था, उसपर तेरा इकरार जैसे नामुमकिन था, किया जो तुने इकरार लगा कोई सपना था, क्यूँ दिखाया मुझे सपना जब मेरा दिल ही तोडना था. दिल टुटा तो क्या हुआ, टूटने की अवाकाज़ तो उसने भी सुनी होगी, दर्द दिया तो क्या हुआ, आवाज़ तो उसने भी हमें लगायी होगी.…

Read more बिखरे पल

निर्भया

ज़िन्दगी के लव्जों से अधूरी कहानी लिखती हूँ, अंतर्मन की किरणों से रौशनी करती हूँ, झंझोरा गया है मेरी आत्मा को, फिर भी उठने की जग्दोजेहेद करती हूँ। इस कदर कुचल दिया गया है मुझे, भरी महफ़िल रुसवा किया गया है मुझे, कहने को दामिनी, निर्भया कहते हैं मुझे, पर भय से भयंकर मंजर दिखाया…

Read more निर्भया

asmanjas

क्या लिखू क्या न लिखू पता नहीं, हम उन्हें याद नहीं ये भी तो गिला नहीं, वक़्त की लौ में जले जा रहे हैं, जल से दुश्मनी करे जा रहे हैं। खुदा भी बुत बना देख रहा है, झोली जो फैलाई तो हंस रहा है, मुस्कान की एक झलक के लिए तरस रहे हैं, हम तो…

Read more असमंजस