December 11, 2016

You are browsing the site archives for December 11, 2016.

भाग्य-जीवन

हम लड़ते-झगड़ते हैं, बेसुध दौड़ में भागते हैं, फिर एक दिन वक़्त कि ठोकर से, ज़िन्दगी से हार जाते हैं| अफ़सोस रह जाता है, कुछ किस्से छोड़ जाता है, मुस्कुराती यादों में, अधूरापन घुल जाता है| शब्द कम पड़ जाते हैं, विचार नम हो जाते हैं, नम आँखों से कुछ पल, आँचल में बिखर जाते…

Read more भाग्य-जीवन