2016

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My today’s blog is about Littlewoods Ireland Blog Awards 2016, an award that helps to find and recognize best blogs across the globe. It gives special accreditation to the bloggers of Ireland. Around a month ago, I came across this outstanding initiative and instantly fell in love. Earlier, I was a little sad that it recognizes only…

Read more Judged Littlewoods Ireland Blog Awards 2016 To Find Best Blogs

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It is this small town of my dreams, That melts my heart like an orange ice cream, An ice cream that shared the innocence of a school bell, Gave giggling girls a reason to jump in a blue school dress. It is this small town of sleepless nights, That took me to an ambitious ride,…

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against boycotting aamir khan movies

Many spoke against Aamir Khan’s comment on intolerance. Many of us wished for boycotting Aamir Khan and his upcoming movies too. Hashtags like #BoycottPK were rolling on social media after this controversy. And guess what? I too found the statement made by the finest actor in the industry, shocking. This wasn’t something that I expected. But…

Read more I’m Not His Fan But I’m Not Boycotting Aamir Khan Or His Movies

*Please use earplugs in case you find problem while hearing this video on your mobile phone.

‘खोज’: A Search Of Love (Transcription)

कभी इस भीड़ में तो कभी खोयी सड़कों में,
भटकती गलियों में, सुनसान नगरियों में,
तुझको ढूँढ़ने की कोशिश करती हूँ,
थक कर, हार कर अक्सर बैठ जाया करती हूँ|

हर चेहरे में तुझे ढूँढा करती हूँ,
वो आँखें जो मुझे बुलाती हैं,
उन्हें अक्सर खोजा करती हूँ,
लोगों के बीच कठपुतली सी ठुमकती हूँ,
तुझे पाने की लालसा में हर वक़्त ज़िन्दगी से झुझा करती हूँ|

अपने अस्तित्व को डाव पर रख कर नाचा करती हूँ,
खुद से ज़्यादा अपनी इस खोज को महत्व दिया करती हूँ,
सज-सवरकर तुझे रिझाने की कोशिश किया करती हूँ,
पर वो कोई और था ये कहकर खुदको मना लिया करती हूँ|

दुनिया से औरतों के हक़ के लिए लड़ने वाली मैं,
खुदको तेरे सामने छोटा बना दिया करती हूँ,
बेख़ौफ़ आवाज़ को भी अक्सर दबा दिया करती हूँ,
तेरे ना मिले प्यार के भरोसे अपना तमाशा बना दिया करती हूँ|

मोहब्बत एक एहसास है जिससे जीना चाहती हूँ,
तेरे मकान को घर मैं बनाना चाहती हूँ,
फड़-फाड़ती हूँ इस पिंजरे से निकलने के लिए,
अब अपने घर में मैं जाना चाहती हूँ|

इश्क़, मोहब्बत, प्यार बस कुछ लव्ज़ लगते हैं,
एक तरफ़ा मोहब्बत को ये हवा दिया करते हैं,
गर तुझे मुझसे मोहब्बत है,
तो क्यों मुझे तू तड़पाता है?
गर तू मुझे चाहता है,
तो क्यों मेरा तमाशा बनाता है?

तू पत्थर है तो अब टकरा एक परबत से,
मेरी चाहत को कमज़ोरी समझने वाले,
अब आकर मिल मेरे इरादों से,
सहमकर छुपकर रोने वाली प्रेमिका नहीं हूँ मैं,
तेरे मकान को घर बनने वाली गृहणी हूँ मैं|


NOTE:  Along with ‘खोज’, you can now hear all audio blogs on my Soundcloud and YouTube channels.

Music Credit: Immersed Kevin MacLeod (incompetech.com)
Licensed under Creative Commons: By Attribution 3.0 License
http://creativecommons.org/licenses/by/3.0/