January 2017

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हँसी-ठिठोली कि लड़ियाँ जब शोर का रूप लेती हैं,
बंद द्वार के पीछे सुख बिखेर देती हैं,
कक्ष के एक कोने में तब हँसी साँस लेती है,
गम के दरवाज़ों को मुस्कान से वो ढक देती है|

exposed

My clumsy walk and those beautiful hands, My red grade cards and a pat on my back, Their serious discussions and real experiences, Introduced me to a life full of fake performances. They taught me how to ignore the shit, Decide when is the right time to quit, Keeping my head high and follow my…

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आगमन... कुछ सवालों का!

उम्मीदें तुम्हारी खुलकर बयाँ करो, नई ज़िन्दगी के पट को खोला करो, सफर साथ तय करना है हमें, हर कदम साथ चलना है हमें| मन की छवि आँखों में दिखने दो, अपनी तमन्नाओं को ज़रा पँख तो लगने दो, आओ आज दो पल साथ चलकर देख लें, यादों के सफर का आगमन तो कर लें| तेरी…

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