April 6, 2017

You are browsing the site archives for April 6, 2017.

निडर पँछी

प्यार को खुलकर बयाँ करना, यूँ ही रोकर दर्द भावना कि कलम से लिख देना, गलती पर हाँ की मौहर लगा देना, मोहब्बत को ही जीने का बस मकसद बना लेना| भावुकता तो बस एक कला मात्र है, जीवन जीने का छोटा सा मार्ग है, कमज़ोरी नहीं द्रण्ड अस्तितिव का परिणाम है, साफ़ दिल व्…

Read more निडर पँछी