June 2017

You are browsing the site archives for June 2017.

Transcription: ‘सच जलता है’

वक़्त कि नाराज़गी हँसती है मुझपर,
शरारती नज़रों से छल करती है अक्सर,
सचाई को नज़रअंदाज़ यूँ ही कर देती है वो,
‘पगली कहकर’, सच का साथ छोड़ देती है वो|

लड़ती-झगड़ती हूँ मैं उसकी इस आदत से,
हठ भी करती हूँ झूठ की दीवारों से,
हार मैं माना करती नहीं,
पर हाँ, थक जाती हूँ इस ज़िद्दी सफर में|

चलते-चलते रुक जाती हूँ झूठ के पथ पर,
फिर साँस गहरी लेती हूँ सच की ज़मीन पर,
खड़ी तो हो जाती हूँ झूठ को झेलने के लिए,
पर चलती हूँ मैं, धीमी गति से फिर अक्सर|

इन रास्तों में झूठ छूट जाते हैं पीछे,
कुछ पल हँसकर वो भी हार जाते हैं सच से,
वक़्त लगता है सच को परवान चढ़ने के लिए,
सच अक्सर जलता है हीरा बनने के लिए|


यदि आप भी कलाकार है और अपनी कला को Vaidus World के माध्यम से दुनिया के सामने लाना चाहते हैं तो मुझे इस पते पर लिखें: bolo@vaidusworld.com|आप मुझे Facebook page द्वारा भी संपर्क कर सकते हैं| मुझे आपका Creative Buddy  बनने में ख़ुशी होगी| मेरे Creative Buddies के लेख व कला आप इस लिंक द्वारा देख सकते हैं |


Background Music Credit: There is Romance Kevin MacLeod (incompetech.com)
Licensed under Creative Commons: By Attribution 3.0 License
http://creativecommons.org/licenses/by/3.0/

announcement learn from me

Hey friends, First of all my apologies for not publishing any blog post on Vaidus World for such a long time. Well! As you all know, for me Vaidus World is like one digital space helping to express to the best of my abilities. And today, I have an announcement to make. I have launched…

Read more Announcement: Learn With Me!

जीवन

यह जीवन की विडम्बना है, अंत को खोजना जैसे उसकी लालसा है, हर पल अंत को पुकारा करती है, सामने होने पर झुठलाया करती है| जल्दी में रहा वो करती है, दौड़ में अव्वल आती है, तेज़ी रफ़्तार में उसके रहती है, अंत को छूकर भी पछताती है| पीछे जैसे कुछ छूट गया हो, वक़्त…

Read more जीवन की विडम्बना