V@idehi

asmanjas

क्या लिखू क्या न लिखू पता नहीं, हम उन्हें याद नहीं ये भी तो गिला नहीं, वक़्त की लौ में जले जा रहे हैं, जल से दुश्मनी करे जा रहे हैं। खुदा भी बुत बना देख रहा है, झोली जो फैलाई तो हंस रहा है, मुस्कान की एक झलक के लिए तरस रहे हैं, हम तो…

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sapne

दादी की सुनाई हुयी वो सपनो की कहानी, चंदा मामा की लोरी वो माँ की ज़ुबानी, बंद आंखें कर सपनो के बादलों को चेहरे पे महसूस करना, अकेली रातों में चाँद से अपनी ख्वाहिश ज़ाहिर करना, जैसे सब कुछ हमसे कहीं छुट गया, जैसे कोई अपना हमसे रूठ गया। निडर अपनी रह पर चले जा…

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udaan

चहकती खिल-खिलती लहरे जब साहिल को चूमती हैं, तब मुस्कुराती हवाएँ भी अपने साज़ गुनगुनाती हैं, बदलते मौसम में ऋतु भी कुछ झूम के कहती हैं, तब सौंधी मिट्टी की खुशबू भी एक रिश्ता कायम करती हैं, गरजते मेघ दिल धड़का जाते हैं, बेगानों को अपना बना जाते हैं, दूरियाँ अब कम सी होती लगती…

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pratibimb

Waqt ki is justuju mein beh rahi hu, Apne armano se samjhota kar rahi hu, Antar aatma sawaal-jawab karti hai, Usse bhi behla-fusla rahi hun. Aansun to ons ki bund se baras jate hain, Ek anchaha sailab zindagi mein le aate hain, Bund-bund samunder banata hai, To aansun har ek pal ka hisab de jata…

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sher-o-shayari

एक दिया जलाया था कहीं, उम्मीद कि किरण बनाकर, खाक कर दिया उसी दिए ने हमें, अपनी ही लौ में जला कर| रात के अंधेरों में डूब जाने का जी करता है, दिन के उजाले में झूम जाने का जी करता है, जब भी वो मिलते हैं ख़्वाबों में, बस उनके ख्यालों में डूब जाने…

Read more बस कुछ शायरी