V@idehi

udaan

चहकती खिल-खिलती लहरे जब साहिल को चूमती हैं, तब मुस्कुराती हवाएँ भी अपने साज़ गुनगुनाती हैं, बदलते मौसम में ऋतु भी कुछ झूम के कहती हैं, तब सौंधी मिट्टी की खुशबू भी एक रिश्ता कायम करती हैं, गरजते मेघ दिल धड़का जाते हैं, बेगानों को अपना बना जाते हैं, दूरियाँ अब कम सी होती लगती…

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pratibimb

Waqt ki is justuju mein beh rahi hu, Apne armano se samjhota kar rahi hu, Antar aatma sawaal-jawab karti hai, Usse bhi behla-fusla rahi hun. Aansun to ons ki bund se baras jate hain, Ek anchaha sailab zindagi mein le aate hain, Bund-bund samunder banata hai, To aansun har ek pal ka hisab de jata…

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sher-o-shayari

एक दिया जलाया था कहीं, उम्मीद कि किरण बनाकर, खाक कर दिया उसी दिए ने हमें, अपनी ही लौ में जला कर| रात के अंधेरों में डूब जाने का जी करता है, दिन के उजाले में झूम जाने का जी करता है, जब भी वो मिलते हैं ख़्वाबों में, बस उनके ख्यालों में डूब जाने…

Read more बस कुछ शायरी

Zindagi... Ek Sangharsh

ज़िन्दगी में खुशियों कि कमी सी होती जा रही है, जैसे प्यार की कमी नफरत से पूरी होती जा रही है, हर तरफ उदासी का आलम छाया है, हँसते हुए ज़िन्दगी ने भी हमारा मज़ाक उड़ाया है| खिल-खिलते हुए ज़िन्दगी ने यूँ मुड़कर देखा, मेरी आँखों कि नमी देख मुझसे पूछा, आँखों में बसे इन…

Read more ज़िन्दगी… एक संघर्ष!

chup-chup-ke

Chup chup ke kuch is tarah aate hain vo mehfill mein, Ki sard raaton mein apni tapish chod jate hain aangan mein, Ghunghruon ki jhankar is kadar gunj uthi hai, Ki umar ki talwar bhi haar maan chuki hai. Labon pe muskan to ankhon mein shararat bhari hai, Unki nazdikiyan bhawnao mein baha chuki hai,…

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