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एक छोटा सा संदेश मेरी कविता, ‘उम्मीद का तिरंगा’ पढ़ने वालो के लिए

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प्रतिलेख: उम्मीद का तिरंगा

एक दिन बादल यूँ ही गरजेंगे,
खुशियाँ बनके वो बरसेंगे,
एक दिन ऐसा भी आएगा,
जब हर बच्चा खिल-खिलायेगा|
लहराते खेतों में जिस दिन,
हर बच्चे का हक़ होगा,
चूले पर रोटी सेख़ती माँ को,
निवाले कम पड़ने का न डर होगा||

उम्मीद से भरी इस दुनिया में,
मैं खाना खोजा करता हूँ|
लहराते तिरंगे में भी मैं,
अक्स, भरे पेट का देखता हूँ||

बहने जब घर से निकलेंगी,
आत्मसम्मान कि चुनरी ओढ़ेंगी,
घूंघट उनका शस्त्र नहीं होगा,
जब हर भाई रक्षक होगा|
आज़ादी की सॉंस खुलकर वो लेंगी,
बेटी हर आँगन में खेलेगी,
जब चीखें हँसी में बदल जाएँगी,
उस दिन लष्मी घर आएगी||

उम्मीद से भरी इस दुनिया में,
मैं आज़ादी खोजा करता हूँ|
लहराते तिरंगे में भी मैं,
बेटी का हक़ ढूँढा करता हूँ||

एक दिन ऐसा भी आएगा,
जब ज्ञान कोने-कोने में पाया जायेगा,
कलम तलवार बनकर ललकारेगी,
व्यापार से बच्चों को बचा निकलेगी|
घर-घर में शिक्षा का मृदंग बजेगा,
बाल मज़दूरी को वो कुचलेगा,
शिक्षित कल का तब जन्म होगा,
बच्चों को पढ़ाना जब बड़ो का धर्म होगा||

उम्मीद से भरी इस दुनिया में,
मैं शिक्षा खोजा करता हूँ|
लहराते तिरंगे में भी मैं,
शिक्षित कल को देखा करता हूँ||


Background Music Credit: There is Romance Kevin MacLeod (incompetech.com)
Licensed under Creative Commons: By Attribution 3.0 License
http://creativecommons.org/licenses/by/3.0/

निडर पँछी

प्यार को खुलकर बयाँ करना, यूँ ही रोकर दर्द भावना कि कलम से लिख देना, गलती पर हाँ की मौहर लगा देना, मोहब्बत को ही जीने का बस मकसद बना लेना| भावुकता तो बस एक कला मात्र है, जीवन जीने का छोटा सा मार्ग है, कमज़ोरी नहीं द्रण्ड अस्तितिव का परिणाम है, साफ़ दिल व्…

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मित्र

अतीत के पन्नों पर कुछ लोग मिलते हैं, ज़िन्दगी के पथ पर साथ वो चलते हैं, दो दिलों के मिलन के साक्षी बनते हैं, सपने अक्सर उनके आँचल में ही पनपते हैं| श्यामें गुज़र जाया करती हैं चांदनी के इंतज़ार में, दिल टूट जाया करते हैं अक्सर प्यार में, शिख्वा मोहब्बत से नहीं दोस्ती के…

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Transcription of ‘ नटखट सी ज़िन्दगी ‘

ख़ुशी की गुदगुदी देने वाली,
हँसते-हँसते रुलाने वाली,
कल्पनाओं को सपने बनाने वाली,
तू ही तो है… नटखट सी ज़िन्दगी|

बरसात में मन भिगोने वाली,
हवाओं कि सरसराहट महसूस कराने वाली,
सूर्य कि किरण सी आस जगाने वाली,
तू ही तो है… नटखट सी ज़िन्दगी|

भावनाओं में बहाने वाली,
गरजते बादल सी बरसने वाली,
दर्द का कहर धरती से दिखाने वाली,
तू ही तो है… नटखट सी ज़िन्दगी|

ऊँचाई से गिराकर घमंड तोड़ने वाली,
दोस्ती का मरहम लगाकर चुप कराने वाली,
हाथ थामकर भंवर से निकालने वाली,
तू ही तो है… नटखट सी ज़िन्दगी|

ख़ुशी कि शुरुआत गम के अंत से करने वाली,
ठोकर पर मार्गदर्शन देने वाली,
सबको हर पल कुछ सिखाने वाली,
तू ही तो है… नटखट सी ज़िन्दगी |


Background Music Credit: There is Romance Kevin MacLeod (incompetech.com)
Licensed under Creative Commons: By Attribution 3.0 License
http://creativecommons.org/licenses/by/3.0/

Hindi transcription: ‘इसी पल लौट जा’

ऐ, जाने के लिए आने वाले,
बस, इसी पल तू लौट जा,
मुझपर रोज़ तरस खाने वाले,
ज़र्रा भर तकलीफ तो दे जा|

साथ देने का वादा करने वाले,
एक बार में सारे वादे तोड़ जा,
हर वक़्त मुझे चोट देने वाले,
एक पल चुनकर मुझे मौत तो दे जा|

ऐ, जाने के लिए आने वाले,
बस, इसी पल तू लौट जा…

सच की कसम खाने वाले,
कुछ कड़वे झूठ तो बोल जा,
दबी सोच कि निंदा करने वाले,
कुछ बेख़ौफ़ बोल भी सुन जा|

ऐ, जाने के लिए आने वाले,
बस, इसी पल तू लौट जा…

बेचैन रातें देने वाले,
एक चाँदनी रात हमसे ले जा,
अकेला छोड़के जाने वाले,
इन यादों को भी अब तू ले जा|

ऐ, जाने के लिए आने वाले,
बस, इसी पल तू लौट जा…