udaan

चहकती खिल-खिलती लहरे जब साहिल को चूमती हैं, तब मुस्कुराती हवाएँ भी अपने साज़ गुनगुनाती हैं, बदलते मौसम में ऋतु भी कुछ झूम के कहती हैं, तब सौंधी मिट्टी की […]

pratibimb

Waqt ki is justuju mein beh rahi hu, Apne armano se samjhota kar rahi hu, Antar aatma sawaal-jawab karti hai, Usse bhi behla-fusla rahi hun. Aansun to ons ki bund […]

sher-o-shayari

एक दिया जलाया था कहीं, उम्मीद कि किरण बनाकर, खाक कर दिया उसी दिए ने हमें, अपनी ही लौ में जला कर| रात के अंधेरों में डूब जाने का जी […]

Zindagi... Ek Sangharsh

ज़िन्दगी में खुशियों कि कमी सी होती जा रही है, जैसे प्यार की कमी नफरत से पूरी होती जा रही है, हर तरफ उदासी का आलम छाया है, हँसते हुए […]

chup-chup-ke

Chup chup ke kuch is tarah aate hain vo mehfill mein, Ki sard raaton mein apni tapish chod jate hain aangan mein, Ghunghruon ki jhankar is kadar gunj uthi hai, […]