Shayari

वक़्त में नुक्स निकालने के लिए माहिर थे वो,
खता हमारी इबादत के पैमाने में डालते थे वो,
हमारी रातें यूँ ही भेंट कर देते थे वो,
फिर भी दुनिया के लिए हमारे हमसफ़र थे वो|

तिनका-तिनका करके विश्वास बनाया था,
तेरे जाने से पहले, न होने का एहसास बनाया था|