hindi poem

jazbaat

Yun to rukhsati ki humne ijazat maang li, Diwangi ki intihaan ki hadd baandh di, Muskurate labon ki salwaton ko jaane kaise, Unhone badalte mausam ki ghata maan li. Yeh shor […]

दुल्हन

सेज पर बैठी एक दुल्हन, पिया का इंतज़ार कर रही थी, अब आयेगा पिया यह सोचकर, मन ही मन मुस्कुरा रही थी, आँखें झुकी मन में प्यार, पलके झुकाए कर […]

sab-yaad-ata-hai

वो मुड़कर हमें देखना, वो हंसी का एक झोंका, वो हमें छेड़ देना, फिर प्यार से मना लेना, सब याद आता है, होठों पे मुस्कान दे जाता है. वो तुम्हारी […]

naari

आज फिर लिखती हूँ, आज फिर कलम को अपनी दास्ताँ सुनती हूँ, दुनिया कहती है मैं किसी काम की नहीं, मैं  तो उनके इशारों की पुतली हूँ वही, फिर भी […]

निर्भया

ज़िन्दगी के लव्जों से अधूरी कहानी लिखती हूँ, अंतर्मन की किरणों से रौशनी करती हूँ, झंझोरा गया है मेरी आत्मा को, फिर भी उठने की जग्दोजेहेद करती हूँ। इस कदर […]

sapne

दादी की सुनाई हुयी वो सपनो की कहानी, चंदा मामा की लोरी वो माँ की ज़ुबानी, बंद आंखें कर सपनो के बादलों को चेहरे पे महसूस करना, अकेली रातों में […]