hindi poems

bikhre-pal

प्यार का इज़हार ज़रा मुश्किल था, उसपर तेरा इकरार जैसे नामुमकिन था, किया जो तुने इकरार लगा कोई सपना था, क्यूँ दिखाया मुझे सपना जब मेरा दिल ही तोडना था. दिल टुटा तो क्या हुआ, टूटने की अवाकाज़ तो उसने भी सुनी होगी, दर्द दिया तो क्या हुआ, आवाज़ तो उसने भी हमें लगायी होगी.…

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निर्भया

ज़िन्दगी के लव्जों से अधूरी कहानी लिखती हूँ, अंतर्मन की किरणों से रौशनी करती हूँ, झंझोरा गया है मेरी आत्मा को, फिर भी उठने की जग्दोजेहेद करती हूँ। इस कदर कुचल दिया गया है मुझे, भरी महफ़िल रुसवा किया गया है मुझे, कहने को दामिनी, निर्भया कहते हैं मुझे, पर भय से भयंकर मंजर दिखाया…

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asmanjas

क्या लिखू क्या न लिखू पता नहीं, हम उन्हें याद नहीं ये भी तो गिला नहीं, वक़्त की लौ में जले जा रहे हैं, जल से दुश्मनी करे जा रहे हैं। खुदा भी बुत बना देख रहा है, झोली जो फैलाई तो हंस रहा है, मुस्कान की एक झलक के लिए तरस रहे हैं, हम तो…

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Zindagi... Ek Sangharsh

ज़िन्दगी में खुशियों कि कमी सी होती जा रही है, जैसे प्यार की कमी नफरत से पूरी होती जा रही है, हर तरफ उदासी का आलम छाया है, हँसते हुए ज़िन्दगी ने भी हमारा मज़ाक उड़ाया है| खिल-खिलते हुए ज़िन्दगी ने यूँ मुड़कर देखा, मेरी आँखों कि नमी देख मुझसे पूछा, आँखों में बसे इन…

Read more ज़िन्दगी… एक संघर्ष!

ek-bar-phir

Ek bar phir udasi ne apna rukh badla hai, Ek bar phir udasi ki in hawao ne mujhe chua hai, Ek bar phir sawalon ki andhi chali hai, Ek phir is andhi ne mere dil ko toda hai. Ansuo ki lehron mein phir se doobne lagi hu, Is toofan mein sahil ko dhundne lagi hun,…

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दास्तान

बचपन बीता बचपने में, लड़कपन बीता खेल खिलोनो में, जवानी लायी नयी तरंगें, किताबें न बन पायी उमंग कि पतंगें| भीड़ में सब दौड़ते हैं, दोस्त-साथी पीछे छूट चुके हैं, लड़कपन के खिलोने याद आते हैं, वो जवानी कि तरंगे याद दिलाते हैं| मासूमियत छूट गयी है कहीं, बस नोटों कि सरसराहट में छुप गयी है…

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