मैं संविधान कहलाता हूँ (Audio Blog)

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Hindi Transcription:

वो मुझे तोड़ता मरोड़ता है,
और मेरे दम पर चीख-चिल्लाता है,
अब लोकतंत्र की गुहार लगाता है,
पर मुझी को भूल जाता है…

आज़ादी का पाठ पढ़ाता है,
हक़ की दुहाई देता है,
घरों को वो जलाता है,
फिर भी देशभक्त कहलाता है,
अब लोकतंत्र की गुहार लगाता है,
पर मुझी को भूल जाता है…

जाती पर गर्व वो करता है,
पर कुदरत को दूषित करता है,
स्वच्छता का पाठ पढ़ाता है,
सड़को पर थूक कर जाता है,
अब लोकतंत्र की गुहार लगाता है,
पर मुझी को भूल जाता है…

बटवारे की निन्दा करता है,
पर बिछड़ो को दुश्मन कहता है,
एकता का नारा विदेश में लगाता है,
पर देश को राज्य गिनाता है,
अब लोकतंत्र की गुहार लगाता है,
पर मुझी को भूल जाता है…

अन्देखी शक्ति मानता है,
विधि-विधान को जानता है,
धर्म पर मर-मिटने का इछुक है,
इंसानियत को ठुकराता है,
अब लोकतंत्र की गुहार लगाता है,
पर मुझी को भूल जाता है…

अधीनता को ठुकराता है,
खुद की सरकार चुनकर लाता है,
ए मुर्ख,ज़रा नज़रें घुमा,
तेरी सरकार मेरी अधीन है,
मेरी मर्ज़ी की पराधीन है,
मैं लोकतंत्र बनता हूँ,
तभी संविधान कहलाता हूँ|


NOTE:  You can now hear all our audio blogs on our Soundcloud and YouTube channel.

Background Music Credit

Heavy Heart Kevin MacLeod (incompetech.com)
Licensed under Creative Commons: By Attribution 3.0 License

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