hindi poems

ऐ दिल! कुछ पल हमसे भी रूबरू हुआ करो,

बेचैन घड़ियों में साथ दिया करो,

तेरी बदमाश धड़कनें गुदगुदी किया करती हैं,

मेरे चंचल मन को सपने दिखाया करती हैं|

Inspired from The Daily Post

निडर पँछी

प्यार को खुलकर बयाँ करना, यूँ ही रोकर दर्द भावना कि कलम से लिख देना, गलती पर हाँ की मौहर लगा देना, मोहब्बत को ही जीने का बस मकसद बना लेना| भावुकता तो बस एक कला मात्र है, जीवन जीने का छोटा सा मार्ग है, कमज़ोरी नहीं द्रण्ड अस्तितिव का परिणाम है, साफ़ दिल व्…

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मित्र

अतीत के पन्नों पर कुछ लोग मिलते हैं, ज़िन्दगी के पथ पर साथ वो चलते हैं, दो दिलों के मिलन के साक्षी बनते हैं, सपने अक्सर उनके आँचल में ही पनपते हैं| श्यामें गुज़र जाया करती हैं चांदनी के इंतज़ार में, दिल टूट जाया करते हैं अक्सर प्यार में, शिख्वा मोहब्बत से नहीं दोस्ती के…

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