poetry
-
हिंदी के नाम

उम्र के हर पड़ाव पर एहसास को जन्म देने वाली, सपनो के प्रतिबिम्ब को शब्दों से सजाने वाली, साधारण व्यक्ति को उड़ान के सपने देने वाली, कल्पनाओं को कागज़ पर बिखेर सत्य बनाने वाली, हिन्दी ही तो थी … अपनी तुलना अंग्रेजी से कर खुदको धुतकारनें वाली, सबके बीच में अपना मज़ाक उड़वाकर भी, अंग्रेजी… Continue reading
-
पन्नो पर बिखरी कुछ ज़िन्दगी

Here is another shayari from Vaidus, ‘पन्नो पर बिखरी कुछ ज़िन्दगी’. Hope you all like it! 🙂 Continue reading
-
तलाश

यूँ ही तेरा हँस देना, फिर अचानक कुछ रूठ जाना, मेरी खिल्ली उड़ाना, फिर पीछे पड़कर मना लेना, हाथ थामने कि तुझसे ज़िद्द करना, एक नासमझ से हठ करना, गुस्सा होकर मेरा सो जाना, हथेली कि गर्माहट माथे पर महसूस करना | तू प्यार है किसी और का, तेरी दोस्ती है मेरी, तेरी ज़िद्द… Continue reading
-
बेबाक नज़रें

तेरी बेबाक नज़रें जब शर्म में लिपटी मेरी आँखों से गुफ्तगू करती हैं, तब हमारी कहानी सोच के काँधे पर सवार, चाँदनी कि सैर करने निकलती है| 🙂 Inspired from Today’s Daily Post Prompt Continue reading
-
सच जलता है!

Transcription: ‘सच जलता है’ वक़्त कि नाराज़गी हँसती है मुझपर, शरारती नज़रों से छल करती है अक्सर, सचाई को नज़रअंदाज़ यूँ ही कर देती है वो, ‘पगली कहकर’, सच का साथ छोड़ देती है वो| लड़ती-झगड़ती हूँ मैं उसकी इस आदत से, हठ भी करती हूँ झूठ की दीवारों से, हार मैं माना करती नहीं,… Continue reading
