hindi poem

मेरी शादी के करीब एक महीने पहले मेरी माँ हमें छोड़के चली गयी| उस दिन एक बात समझ आ गयी कि मौत दुःख, चिंता, ख़ुशी, गुस्सा, व नफरत का अंत हो सकती है पर प्यार का अंत कभी नहीं होती|

कभी-कभी लगता है काश मेरा कन्यादान papa और mummy दोनों करते, काश वो मुझे दुल्हन बने देख पाती, काश वो उस दिन मुझे सजा पाती, काश वो मुझे उसी तरह निहारती जैसे वो हमेशा निहारती थीं और जिसपर मैं पलटकर बोलती थी कि ‘बस करो muma कितना निहारोगी| आप मुझे concious कर रहे हो| बस हो गया यार|’

मेरी हर कविता सबसे पहले muma पढ़ती थी| जब मैं स्कूल में थी तब मम्मी ने मेरी कविताओं से भेरी डायरी पकड़ी थी| मैं हमेशा उसे छुपा के रखती थी| मेरी कवितायेँ पढ़कर मम्मी को यकीन ही नहीं हुआ कि वो मैंने लिखी हैं| उन्हें लगा की मैंने किसी और की कविता अपने नाम से लिख रखी है|

मेरी माँ (Meri Ma) by Vaidehi Singh Sharmaउन्हें पता था की मुझे शायरी लिखना व पढ़ना पसंद है पर मेरे पास अपनी शायरी व कविताओं से भरी एक diary भी है उसका अंदाज़ा उन्हें नहीं था| उन्होंने पापा को बोला कि कुछ भी करो पर इसकी कविताओं की एक किताब छपवा दो| चाहे कोई न खरीदे मैं वो किताब अपने पास रखना चाहती हूँ| आज मैंने उनकी यह इच्छा पूरी की है| Amazon सेल्फ-पब्लिश के माध्यम से मैंने एक छोटी-सी कविताओं की किताब छापी है, ‘मेरी माँ’|  इसी किताब की एक कविता यहाँ आपके साथ शेयर कर रही हूँ| उम्मीद करती हूँ आप सबको पसंद आएगी|

मेरी किताब आप kindle पर बिना किसी शुल्क के पढ़ सकते हैं| इसे पढ़ने के लिए इस लिंक का इस्तिमाल करें: https://goo.gl/CT41AV|

और अब सुनिए मेरी अब तक कि सबसे अच्छी रचना, ‘मेरी माँ’| ‘मेरी माँ’ सिर्फ और सिर्फ मेरी माँ के लिए|

I love you, Mom! I miss you! 🙁

 

ध्यान दें: यदि मेरी कविता में कोई वर्तनी (स्पेलिंग) की गलती हो कृपया नज़रअंदाज़ कर दें| मेरी वर्तनी (स्पेलिंग) पब्लिश होने से पहले सही करने वाली अब इस दुनिया में नहीं हैं|


इस तरह कि और कविताओं व कहानियों के लिए मेरे YouTube channel, Vaidus World को subscribe करना न भूलें| आप यह channel इस link के द्वारा subscribe कर सकते हैं: http://goo.gl/6jUvYC

अब आप Vaidus World कि सारी कवितायेँ व कहानियाँ blog व YouTube के अलावा Facebook, Google Plus व Twitter पर भी सुन सकते हैं| Vaidus World को इन सभी जगाहों पर follow करने के लिए नीचे दिए गए links का उपयोग करें|

Blog: https://vaidusworld.com/

Facebook: https://www.facebook.com/VaidusWorld/

Twitter: https://twitter.com/vaidus

SoundCloud: https://soundcloud.com/vaidus

Download my book, ‘Meri Ma’: https://goo.gl/CT41AV

अपने विचार comments के ज़रिये मेरे साथ बाटें| यदि आप मुझे email के द्वारा संपर्क करना चाहते हैं तो मुझे इस पते पर email करें: bolo@vaidusworld.com|

मुझे आपके विचारो व सन्देश का इंतज़ार रहेगा| 🙂

Background Music Credit: There is Romance Kevin MacLeod (incompetech.com) Licensed under Creative Commons: By Attribution 3.0 License https://creativecommons.org/licenses/by/3.0/

शोर और गुफ्तगू सब मिट से जाते हैं,
धुंधली पड़ जाती है ज़िंदा तसवीरें,
ख्यालों कि आँधी जब कुछ करवट लेती है,
कवि कि ज़िन्दगी तब कुछ पन्नो पर बिखरती है |

तलाश Hindi Poem

यूँ ही तेरा हँस देना, फिर अचानक कुछ रूठ जाना, मेरी खिल्ली उड़ाना, फिर पीछे पड़कर मना लेना, हाथ थामने कि तुझसे ज़िद्द करना, एक नासमझ से हठ करना, गुस्सा होकर मेरा सो जाना, हथेली कि गर्माहट माथे पर महसूस करना |   तू प्यार है किसी और का, तेरी दोस्ती है मेरी, तेरी ज़िद्द…

Read more तलाश

Transcription: ‘सच जलता है’

वक़्त कि नाराज़गी हँसती है मुझपर,
शरारती नज़रों से छल करती है अक्सर,
सचाई को नज़रअंदाज़ यूँ ही कर देती है वो,
‘पगली कहकर’, सच का साथ छोड़ देती है वो|

लड़ती-झगड़ती हूँ मैं उसकी इस आदत से,
हठ भी करती हूँ झूठ की दीवारों से,
हार मैं माना करती नहीं,
पर हाँ, थक जाती हूँ इस ज़िद्दी सफर में|

चलते-चलते रुक जाती हूँ झूठ के पथ पर,
फिर साँस गहरी लेती हूँ सच की ज़मीन पर,
खड़ी तो हो जाती हूँ झूठ को झेलने के लिए,
पर चलती हूँ मैं, धीमी गति से फिर अक्सर|

इन रास्तों में झूठ छूट जाते हैं पीछे,
कुछ पल हँसकर वो भी हार जाते हैं सच से,
वक़्त लगता है सच को परवान चढ़ने के लिए,
सच अक्सर जलता है हीरा बनने के लिए|


यदि आप भी कलाकार है और अपनी कला को Vaidus World के माध्यम से दुनिया के सामने लाना चाहते हैं तो मुझे इस पते पर लिखें: bolo@vaidusworld.com|आप मुझे Facebook page द्वारा भी संपर्क कर सकते हैं| मुझे आपका Creative Buddy  बनने में ख़ुशी होगी| मेरे Creative Buddies के लेख व कला आप इस लिंक द्वारा देख सकते हैं |


Background Music Credit: There is Romance Kevin MacLeod (incompetech.com)
Licensed under Creative Commons: By Attribution 3.0 License
http://creativecommons.org/licenses/by/3.0/

जीवन

यह जीवन की विडम्बना है, अंत को खोजना जैसे उसकी लालसा है, हर पल अंत को पुकारा करती है, सामने होने पर झुठलाया करती है| जल्दी में रहा वो करती है, दौड़ में अव्वल आती है, तेज़ी रफ़्तार में उसके रहती है, अंत को छूकर भी पछताती है| पीछे जैसे कुछ छूट गया हो, वक़्त…

Read more जीवन की विडम्बना

तिनका-तिनका करके विश्वास बनाया था,
तेरे जाने से पहले, न होने का एहसास बनाया था|