hindi poem
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एहसास

तिनका-तिनका करके विश्वास बनाया था, तेरे जाने से पहले, न होने का एहसास बनाया था| Continue reading
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नटखट सी ज़िन्दगी

Transcription of ‘ नटखट सी ज़िन्दगी ‘ ख़ुशी की गुदगुदी देने वाली, हँसते-हँसते रुलाने वाली, कल्पनाओं को सपने बनाने वाली, तू ही तो है… नटखट सी ज़िन्दगी| बरसात में मन भिगोने वाली, हवाओं कि सरसराहट महसूस कराने वाली, सूर्य कि किरण सी आस जगाने वाली, तू ही तो है… नटखट सी ज़िन्दगी| भावनाओं में बहाने वाली, Continue reading
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इसी पल लौट जा

Hindi transcription: ‘इसी पल लौट जा’ ऐ, जाने के लिए आने वाले, बस, इसी पल तू लौट जा, मुझपर रोज़ तरस खाने वाले, ज़र्रा भर तकलीफ तो दे जा| साथ देने का वादा करने वाले, एक बार में सारे वादे तोड़ जा, हर वक़्त मुझे चोट देने वाले, एक पल चुनकर मुझे मौत तो दे जा| Continue reading
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खुद से मुलाकात

तन्हाई से मुलाकात यूँ ही नहीं हुआ करती, वक़्त लगता है अपनों को आज़माने में| Continue reading
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हँसी-ठिठोली

हँसी-ठिठोली कि लड़ियाँ जब शोर का रूप लेती हैं, बंद द्वार के पीछे सुख बिखेर देती हैं, कक्ष के एक कोने में तब हँसी साँस लेती है, गम के दरवाज़ों को मुस्कान से वो ढक देती है| Continue reading
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ससुराल

जब कला, योग्यता व् गुणों का मोल-भाव किया जाता है तब दहेज़ जन्म लेता है| इसके खिलाफ आवाज़ उठाना हम सबका फ़र्ज़ है| पर क्या हम भेंट कि आड़ में इसे अपने घरों में पनपने तो नहीं दे रहे? यह कविता ससुराल या लड़कों पर प्र्श्न नहीं उठाएगी| ये प्र्श्न उठा रही है आप और Continue reading