Hindi kavitayein

निडर पँछी

प्यार को खुलकर बयाँ करना, यूँ ही रोकर दर्द भावना कि कलम से लिख देना, गलती पर हाँ की मौहर लगा देना, मोहब्बत को ही जीने का बस मकसद बना […]

मित्र

अतीत के पन्नों पर कुछ लोग मिलते हैं, ज़िन्दगी के पथ पर साथ वो चलते हैं, दो दिलों के मिलन के साक्षी बनते हैं, सपने अक्सर उनके आँचल में ही […]

जवाब ... तेरे सवालों का!

कुछ वक़्त पहले मैंने एक कविता लिखी थी, ‘आगमन… कुछ सवालों का!’, जिसमें कुछ सवाल उठे थे| यह कविता उन्हीं सवालों का जवाब है| उम्मीद करती हूँ कि आपको यह […]