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बदमाश धड़कनें

ऐ दिल! कुछ पल हमसे भी रूबरू हुआ करो, बेचैन घड़ियों में साथ दिया करो, तेरी बदमाश धड़कनें गुदगुदी किया करती हैं, मेरे चंचल मन को सपने दिखाया करती हैं| Inspired from The Daily Post Continue reading
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बेबाक नज़रें

तेरी बेबाक नज़रें जब शर्म में लिपटी मेरी आँखों से गुफ्तगू करती हैं, तब हमारी कहानी सोच के काँधे पर सवार, चाँदनी कि सैर करने निकलती है| 🙂 Inspired from Today’s Daily Post Prompt Continue reading
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एहसास

तिनका-तिनका करके विश्वास बनाया था, तेरे जाने से पहले, न होने का एहसास बनाया था| Continue reading
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खुद से मुलाकात

तन्हाई से मुलाकात यूँ ही नहीं हुआ करती, वक़्त लगता है अपनों को आज़माने में| Continue reading

