hindi poetry

भाग्य-जीवन

हम लड़ते-झगड़ते हैं, बेसुध दौड़ में भागते हैं, फिर एक दिन वक़्त कि ठोकर से, ज़िन्दगी से हार जाते हैं| अफ़सोस रह जाता है, कुछ किस्से छोड़ जाता है, मुस्कुराती […]

kashmakash

झुकी नज़रें यूँ उठीं, क़यामत ने भी तौबा की, टपके जो उनकी पलकों से आंसूं, खुदा ने भी उन्हें थामने की गुस्ताखी ना की. रातों में पलके भीगा करती हैं, […]

भंवर-ए-इश्क़

इस कदर आप साँसों में बस जाएंगे, रूह बनकर हमारे रग-रग में उतर जाएंगे, खुशियों का आँचल हमें उतार जाएंगे, हम थे बेखबर की हमारे दिल को इस कदर चुरा […]