Kavita

  • खुद से मुलाकात

    खुद से मुलाकात

    तन्हाई से मुलाकात यूँ ही नहीं हुआ करती, वक़्त लगता है अपनों को आज़माने में| Continue reading

  • आगमन… कुछ सवालों का!

    आगमन… कुछ सवालों का!

    उम्मीदें तुम्हारी खुलकर बयाँ करो, नई ज़िन्दगी के पट को खोला करो, सफर साथ तय करना है हमें, हर कदम साथ चलना है हमें| मन की छवि आँखों में दिखने दो, अपनी तमन्नाओं को ज़रा पँख तो लगने दो, आओ आज दो पल साथ चलकर देख लें, यादों के सफर का आगमन तो कर लें| तेरी… Continue reading

  • आँचल (Audio Blog)

    आँचल (Audio Blog)

    भगत सिंह ने कहा था, यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत ज़ोरदार होना होगा| पर ये धमाके कब तक होंगे? अब तो ऐसा लगता है जैसे कि हमारी आत्मा दम तोड़ चुकी है| कभी दिल्ली की निर्भया, कभी कोलकत्ता की सुज़ैट जॉर्डन, तो कभी नयी साल कि शुरुआत में ही बंगलौर में हुई छेड़छाड़… कब तक? जब… Continue reading

  • लोग

    लोग

    Hindi transcription of the poem, ‘लोग’ हमारी गुफ्तगू पर बेशर्मी का ठप्पा अक्सर लगाते हैं लोग, हथेली के स्पर्श को भी पाप का नाम दे जाते हैं लोग, प्रेम तो बस हमारी माया का एक अंश है, उसे खौफभरी नज़रों से कहाँ देख पाते हैं लोग| हमारे साथ को छुअन से नापते हैं लोग, ख्वाबों का… Continue reading

  • महफ़िल

    महफ़िल

    तक़दीर ने तो बस कदरदान कि मुस्कुराहट माँगी थी, उनके अक्स को दिल में पनाह देने कि इजाज़त माँगी थी, तालियों की गूँज तो सब सुनते हैं महफ़िल में, हमने तो बस उन पलकों में कुछ जगह माँगी थी| Continue reading

  • एहसास… बढ़ते फासलों का

    एहसास… बढ़ते फासलों का

    Please use earplugs in case you find problem while hearing this video on your mobile phone. Continue reading