love

लव्ज़ों में बयाँ हो जाता तो क्या बात थी,
दर्द सीने में उतर गया था, वो भी एक रात थी|
बिस्तर का एक कोना तब भी भीगा था,
आँचल ने गम अपने बाहों में भरा था,
ओझल तेरा चेहरा दुनिया से हुआ था,
मेरी यादों में घर तेरा फिर से बना था|


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emotional chaotic diffusion

The power of those deep dreamy eyes, Makes my intellect die, My efforts are to say a ‘hi’, Your smile turns it to a ‘sigh’. Confusion… confusion… confusion… What an emotional diffusion! I hide my love with a mask, Carrying it like a daily task, Your friendly hugs and a cute little smile, Fills my…

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वो पल भी बड़ा मजबूर था, जब तू मुझसे दूर था,
जब तेरे नाम की रट, मेरी सिसकियाँ लगाया करती थी,
जब मेरी परछाई भी, तुझे ना दिखाई पड़ती थी|

ये कमरा सुनता था मेरी चीख की गूँज,
मेरा बिस्तर सोख लेता था आँसूं की हर एक बूँद,
हथेली की लकीरें माथे पर दिखा करती थी,
मेरी फूटी किस्मत के किस्से बयाँ करती थी|

तू नींद में डूब जाता था मुझे बिलखता छोड़,
तेरा काम था मेरे आँसुओं से अनमोल,
दुनिया से किये गए तेरे वादे थे अटल,
पर मुझे दी गयी कसमें,
बन गयी थी बस फसानो भरी ग़ज़ल|

मुझे तनहा छोड़कर तू चला जाता था,
सितारों तले मुझे चाँदनी में जगा जाता था,
कैसे आते थे तुझे परियों के स्वप्न मेरे बिना?
मेरा तो चैन भी तू ही ले जाता था|

मैं तेरी मजबूरी समझूँ ये तेरी इच्छा थी,
अपने काम को बढ़ावा दूं ये तेरी भी तमन्ना थी,
तेरे खुले विचार कभी अपनी पसंद पर नाज़ कराते थे,
तो कभी ये ही हमारे दूर होने का एहसास दे जाते थे|


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भंवर-ए-इश्क़

इस कदर आप साँसों में बस जाएंगे, रूह बनकर हमारे रग-रग में उतर जाएंगे, खुशियों का आँचल हमें उतार जाएंगे, हम थे बेखबर की हमारे दिल को इस कदर चुरा जाएंगे. कुछ अनकहे बोल नज़रों से बयां करना, वो मूड-मुड़कर आपका हमें देखना, ना कुछ कहना, ना कुछ समझना, बस नज़रों का नज़रों से यूँ…

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ishq

Is kadar ap saason mein bas jaoge, Rooh ban humare rag-rag mein utar jaoge, Khushiyon ka anchal humein uda jaoge, Hum the bekhabar ki humare hi dil ko is kadar chura jaoge. Kuch ankahe bol nazron se bayan karna, Vo mud-mudkar apka humein dekhna, Na kuch kehna na kuch samjhna, Bas nazron ka nazron se…

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